बिलासपुर लिंगीयाडीह बचाओ आंदोलन के तहत चल रहे महाधरना का आज 42वां दिन रहा। इस अवसर पर चिंगराज और चांटीडीह क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सक्रिय सहभागिता निभाई। महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई केवल जमीन या घर की नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की है, और इस संघर्ष में प्रत्येक महिला समूह आपके साथ खड़ा है। पार्टी कोई भी हो, लेकिन अन्याय के खिलाफ सभी एकजुट हैं। महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को समर्थन दिया।
आंदोलन स्थल पर प्रमुख वक्ताओं के रूप में डॉ. रघु और श्याम मूरत कौशिक ने संबोधित करते हुए कहा कि पूरा समाज इस आंदोलन के साथ है और जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान भोलाराम साहू, परसराम कश्यप, दिनेश घोरे, कमल घोरे, सोनू गोस्वामी, श्रवण मानिकपुरी, अनिकेत कश्यप, बाबा शर्मा, डॉ. अशोक शर्मा, चतुर सिंह यादव, सिद्धार्थ भारती, आदर्श सेवते, लखन कश्यप, दिनेश यादव, रूपेश साहू, रामशरण कश्यप, टीकम सिंह सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वहीं महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी भी देखने को मिली, जिनमें यशोदा पाटिल, परमिला वध्रुव, अनिता ध्रुव, नंदनी ध्रुव, आरती श्रीवास, मालती यादव, रामबाई माजिपी, शीला सिंह, सीता साहू, संगीता भादव, जयकंवर अहिरवार, अजनी रजक, कल्याणी यादव, मोगरा यादव, बाई चौहान, पिल्ली बाई, मालती मानिकपुरी, अनुपा श्रीवास, जानकी गोड़, कुमारी मानिकपुरी, संतोषी श्रीवास, रामवाई मानिकपुरी, खोरबहारिन यादव, सवित्ती यादव, भरजीना बेगम, नीरा सेन, लीला भोई, आरती सूर्यवंशी, मथुरी सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और मोहल्लेवासी शामिल रहे।
आंदोलनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
अब लिंगीयाडीह बचाओ आंदोलन केवल किसी एक मोहल्ले या वार्ड तक सीमित न रहकर, पूरे शहर के जनसमर्थन का प्रतीक बनता जा रहा है।
