12 दिन बाद भी सरकार मौन, कई अभ्यर्थी बेहोश, 32 अस्पताल में भर्ती
जन चेतना भारत पार्टी ने आंदोलन को दिया पूर्ण समर्थन
रायपुर/तूता।
छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक के 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थी राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर पिछले 12 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। अनशनरत अभ्यर्थियों की हालत दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। अब तक कई अभ्यर्थी बेहोश होकर गिर चुके हैं, जबकि 32 अभ्यर्थियों को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
आंदोलन के बारहवें दिन चार अभ्यर्थियों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है, इसके बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
“सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही” – जसबीर सिंह चावला
जन चेतना भारत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जसबीर सिंह चावला ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि
“2300 सहायक शिक्षक पदों को लेकर डीएड अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं, कई की जान पर बन आई है, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। यह युवाओं के भविष्य के साथ खुला अन्याय है।”
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद नियुक्ति न देना सरकार की हठधर्मिता और असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
“यह युवाओं पर साजिशन अत्याचार है” – जयंत गायधने
जन चेतना भारत पार्टी के प्रदेश महासचिव जयंत गायधने ने कहा कि
“2023 की प्रवीण्य सूची को पुनर्व्यवस्थित (रिलिस्टिंग) न करना और दो वर्षों से नियुक्ति लटकाए रखना प्रशासन की युवाओं के खिलाफ साजिशन नीति को उजागर करता है। अब अभ्यर्थियों को अगली परीक्षा में बैठने को कहना सरासर अत्याचार है।”
“प्रशासन सुस्त, अभ्यर्थी बेहोश” – अभिषेक बाफना
पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष अभिषेक बाफना ने कहा कि
“12 दिनों से डीएड अभ्यर्थी आमरण अनशन पर हैं, कई बेहोश हो रहे हैं, 30 से अधिक की हालत गंभीर है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सुस्त बना हुआ है। यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
पूरा मामला संक्षेप में
मार्च 2023 में 6285 सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी
डीएड और बीएड दोनों को प्राथमिक शिक्षक हेतु पात्र घोषित किया गया
10 जून 2023 को परीक्षा, 2 जुलाई 2023 को परिणाम
चार चरण की काउंसलिंग में 5301 नियुक्तियां, जिनमें 2897 बीएड अभ्यर्थी
984 पदों पर काउंसलिंग ही नहीं हुई
2 अप्रैल 2024: हाईकोर्ट बिलासपुर का आदेश
28 अगस्त 2024: सुप्रीम कोर्ट ने बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक पद के लिए अपात्र ठहराया
डीएड अभ्यर्थियों की मेरिट सूची पुनर्व्यवस्थित कर सभी पदों पर नियुक्ति के निर्देश
इसके बावजूद दिसंबर 2024 में केवल 2621 बीएड अभ्यर्थियों को हटाकर, बिना मेरिट रिअरेंज किए पांचवीं काउंसलिंग कराई गई, जिसमें मात्र 1299 डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली और 2300 पद रिक्त रह गए।
जन चेतना भारत पार्टी की स्पष्ट मांग
जसबीर सिंह चावला ने कहा कि पार्टी की मांग साफ है—
डीएड अभ्यर्थियों की मेरिट सूची का तत्काल पुनर्व्यवस्थापन किया जाए
2300 रिक्त पदों पर छठवें चरण की काउंसलिंग तुरंत कराई जाए
अभ्यर्थियों को नियुक्ति देकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया जाए
उन्होंने कहा,
“बच्चों ने मेहनत कर परीक्षा पास की, मेरिट में आने के बाद भी नियुक्ति न देना यह साबित करता है कि अब लोकतंत्र नहीं, अफसरशाही चल रही है।”
जन चेतना भारत पार्टी ने डीएड अभ्यर्थियों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो पार्टी प्रदेश-व्यापी आंदोलन छेड़ेगी।
