बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में युवक नरेश साहू द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे प्रदेश को झनझोर कर रख दिया है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब आत्महत्या से पूर्व बनाए गए वीडियो में मृतक द्वारा कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है।
इस संबंध में पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस संवेदनशील प्रकरण की जांच CBI से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जा सके।ज्ञा पन में उल्लेख किया गया है कि नरेश साहू द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना अत्यंत दुखद, गंभीर एवं संवेदनशील है। इस घटना से न केवल साहू परिवार बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों में शोक, चिंता और आक्रोश का माहौल है।
वीडियो व सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आए तथ्यों के अनुसार, मृतक नरेश साहू ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने कुछ लोगों के नाम लेते हुए मानसिक प्रताड़ना, दबाव, डर अथवा बहकावे में आकर यह कदम उठाने की बात कही है। इसके अतिरिक्त, वीडियो में पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए जाने की चर्चा सामने आई है, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है।
मुस्लिम समाज की ओर से, एक जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक समाज के रूप में यह मांग की गई है कि—क्या नरेश साहू को किसी व्यक्ति या समूह द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया?क्या किसी डर, धमकी, दबाव या बहकावे के कारण उसने आत्महत्या की?आत्महत्या पूर्व वीडियो में जिन व्यक्तियों के नाम लिए गए हैं, उनकी वास्तविक भूमिका क्या है?
ज्ञापन में कहा गया है कि जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक पीड़ित परिवार को न्याय मिलना कठिन है। इसलिए मामले की CBI जांच कराई जाना अत्यंत आवश्यक है।
