1. बिलासपुर बिलासपुर प्रतिबंधित नशीली इंजेक्शन के अवैध कारोबार के एक मामले में विशेष एनडीपीएस न्यायालय ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी धन्नू उर्फ गुरूदयाल कश्यप को दोषी करार देते हुए दस वर्ष कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। विशेष न्यायाधीश पुष्पलता मार्कण्डे की अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय दिया। न्यायालय ने माना कि आरोपी के कब्जे से बरामद प्रतिबंधित नशीली इंजेक्शन की मात्रा व्यावसायिक श्रेणी में आती है और उसका उद्देश्य अवैध बिक्री कर लाभ कमाना था। अभियोजन के अनुसार 22 जून 2023 को थाना सिविल लाइन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुदुदण्ड गायत्री मंदिर के पास हरिकृष्ण प्रधान के किराये के मकान में रहने वाला धन्नू उर्फ गुरूदयाल कश्यप नशीली इंजेक्शन का अवैध भंडारण कर बिक्री कर रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद विधिवत कार्रवाई में आरोपी के कमरे से दो प्लास्टिक बोरियों में रखे कुल 256 कागज के डिब्बों से 6400 नग प्रतिबंधित नशीली इंजेक्शन बरामद की गई थीं। जांच में सामने आया कि प्रत्येक शीशी में दो एमएल दवा भरी हुई थी, जिसकी कुल मात्रा 12,800 एमएल पाई गई। इसके साथ ही पुलिस ने 1500 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया था। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग एक लाख 71 हजार 500 रुपये आंकी गई थी। मामले की जांच सिविल लाइन थाने के एसआई राजेश्वरधर दीवान द्वारा की गई। उन्होंने मामले से संबंधित गवाहों के बयान, जब्ती पत्रक, रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य न्यायालय में पेश किए। न्यायालय ने अभियोजन की ओर पेश साक्ष्यों को पर्याप्त और विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया। आरोपी को दस साल कारावास और एक जुर्माना की सजा सुनाई गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *