बिलासपुर |बिलासपुर के रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू किए गए एक अज्ञात व्यक्ति, जिनकी पहचान बाद में नज़ीर अली (निवासी: गुजरात) के रूप में हुई, का उपचार के दौरान सिम्स (CIMS) हॉस्पिटल में निधन हो गया। मानवता की मिसाल पेश करते हुए बिलासपुर के मुस्लिम समाज और स्थानीय एनजीओ के समन्वय से उनका अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ खामोशगंज कब्रिस्तान में संपन्न किया गया।
घटना का विवरण:
मृ
तक नज़ीर अली को गंभीर हालत में रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू कर 04 जनवरी 2026 को सिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उन्होंने स्वयं को गुजरात का निवासी बताया था। दुर्भाग्यवश, उसी रात 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
सामुदायिक सहयोग:
कोई परिजन सामने न आने पर मुस्लिम समुदाय के सरपरस्त और शहर के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदारी संभाली। उनके कफ़न-दफन का पूर्ण इंतजाम मुस्लिम समाज द्वारा किया गया। इस पुनीत कार्य में मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा:खालिद खान जीशाहरुख अलीरोमी भास्करमोहम्मद मुकीमश्याम तिवारी रेखा आहूजा जी
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है और यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य था कि नज़ीर अली को ससम्मान अंतिम विदाई मिले। इस सेवा कार्य की शहर के प्रबुद्ध जनों ने सराहना की है।
