बिलासपुर -नगर निगम के पूर्व सभापति शेख नजीरुद्दीन ने आज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर वार्ड क्रमांक 26 अशफाक उल्ला खां में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने इस संबंध में एक लिखित शिकायत पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया कि नियमों का पालन करने के बावजूद बड़ी संख्या में मतदाताओं को “सी” कैटेगरी में डालकर नोटिस जारी किए गए हैं।

पूर्व सभापति ने बताया कि वार्ड 26 में लगभग 1500 मतदाताओं को “सी” कैटेगरी में रखा गया है, जबकि इनमें से कई मतदाताओं ने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित फार्म समय पर जमा किए थे। इसके बावजूद उन्हें संदेह के दायरे में रखकर नोटिस जारी किया जाना न केवल अनुचित है, बल्कि मतदाता अधिकारों का हनन भी है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई मामलों में पिता की दो संतानों में से एक का नाम “ओके” कर दिया गया, जबकि दूसरी संतान का नाम “सी” कैटेगरी में डाल दिया गया। यह प्रक्रिया पूरी तरह से मनमानी और असंगत प्रतीत होती है, जिससे पुनरीक्षण की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

शेख नजीरुद्दीन ने आगे कहा कि वार्ड क्रमांक 26 में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग निवास करते हैं। इनमें से कई परिवार किराये के मकानों में रहते हैं और उनके पास जन्म प्रमाण पत्र या जन्म स्थान से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। बावजूद इसके, इन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में विधिवत दर्ज है। ऐसे में आज उन्हें नोटिस जारी कर “सी” कैटेगरी में डालना समझ से परे है।

उन्होंने जेबुन्निसा (जन्म वर्ष 1948) का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका नाम 2003 के एसआईआर में दर्ज होने के बावजूद नोटिस जारी की गई है। इसी तरह शमा परवीन, नाजिया बेगम, अमीर अली (जन्म वर्ष 1974) और उनकी पत्नी हसीना बेगम के नाम भी 2003 की मतदाता सूची में दर्ज हैं, फिर भी उन्हें नोटिस थमाए गए हैं। इसके अलावा दीपक बंसोड़ के दो बच्चों—दीक्षांत बंसोड़ और संजना बंसोड़—के मामले में एक बच्चे का नाम “ओके” और दूसरे को नोटिस दिया जाना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।

पूर्व सभापति ने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में पात्र मतदाता अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित हो सकते हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक होगा। उन्होंने मांग की कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में यथावत रखे जाएं।

इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जिन मामलों में आपत्ति दर्ज की गई है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत किया जाए। प्रत्येक प्रकरण की समुचित जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि नोटिस जारी करने की प्रक्रिया नियमों के तहत की गई है और सभी मामलों का समाधान विधिसम्मत तरीके से किया जाएगा।

इस अवसर पर शेख नजीरुद्दीन के साथ प्रतिनिधिमंडल में ऋषि पांडेय, अर्जुन सिंह और अब्दुल रज्जाक भी उपस्थित रहे।

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