श्रीराम कथा से पूर्व निकली ऐतिहासिक महाकलश यात्रा, 15 हजार से अधिक महिलाओं की सहभागिता

बिलासपुर नगर में 12 जनवरी से आरंभ होने जा रही श्रीराम कथा के पावन आयोजन से पूर्व रविवार को एक ऐतिहासिक एवं भव्य महाकलश यात्रा का आयोजन किया गया। सुप्रसिद्ध कथावाचक संत श्री विजय कौशल जी महाराज के श्रीमुख से कथा श्रवण का सौभाग्य मिलने जा रहा है, जिससे नगरवासियों में पहले से ही विशेष उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।

धार्मिक आस्था का विराट प्रदर्शन

महाकलश यात्रा का शुभारंभ श्री जगन्नाथ मंगलम से हुआ, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर स्थित कथा स्थल तक पहुँची। सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में सजी हजारों महिलाओं की उपस्थिति ने यात्रा को अलौकिक, भव्य और श्रद्धामय स्वरूप प्रदान किया। पूरे मार्ग में “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयघोष, भक्ति गीतों और भगवा ध्वजों से नगर राममय हो उठा।

सामाजिक एकता और सहभागिता का सशक्त संदेश

यह महाकलश यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और सामूहिक सहभागिता का भी जीवंत उदाहरण बनी। पुराने बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, सत्यम चौक, मध्य नगरीय चौक, सराफा लाइन, सदर बाजार एवं गोल बाजार जैसे व्यस्त क्षेत्रों से गुजरते हुए यात्रा में हर वर्ग, हर समाज के लोगों ने सहभागिता कर आस्था की मिसाल पेश की।

मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा, स्वागत स्टालों की व्यवस्था और लगातार उत्साहवर्धन ने यह सिद्ध कर दिया कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने की शक्ति आज भी उतनी ही प्रबल है।

ऐतिहासिक सहभागिता, अभूतपूर्व दृश्य

आयोजन समिति के अनुसार इस महाकलश यात्रा में 15 हजार से अधिक महिलाओं ने एक ही रंग की साड़ियों में शामिल होकर अनुशासन, एकरूपता और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। यह यात्रा न केवल बिलासपुर नगर, बल्कि संभवतः छत्तीसगढ़ अंचल की अब तक की सबसे वृहद एवं भव्य कलश यात्राओं में शामिल रही। बीच-बीच में निकाली गई आकर्षक झांकियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और सांस्कृतिक विरासत को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।

कथा स्थल पर स्वागत एवं संदेश

कथा स्थल पर यात्रा के पहुँचने पर मुख्य संरक्षक श्री अमर अग्रवाल ने सभी कलश यात्रियों का आत्मीय स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया और श्रद्धालुओं से श्रीराम कथा में नियमित रूप से सहभागिता करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करते हैं।

गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति

इस अवसर पर महेशचंद्र अग्रवाल, मोती सुल्तानिया, गुलशन ऋषि, गोपाल शर्मा, सुनील सोंथालिया, सुरेश चंद्र गोयल सहित राम कथा आयोजन समिति के समस्त सदस्य उपस्थित रहे और आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

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