फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर संपत्ति नामांतरण का मामला, सिटी कोतवाली पुलिस ने शुरू की जांच
बिलासपुर। थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी ही बहू और नातिन पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी रंजना शर्मा एवं दृष्टिका तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
प्रार्थिया शैल शर्मा पति स्वर्गीय देवनारायण शर्मा, वर्तमान निवासी नटराज स्वीट्स के पास, मन्नू चौक टिकरापारा, बिलासपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1993 में उनकी विधवा बहू रंजना शर्मा ने धोखाधड़ीपूर्वक उनके जीवित रहते हुए 26 मार्च 1993 को उनकी मृत्यु दर्शाते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया।
शिकायत के अनुसार, उक्त कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर ग्राम सोनौरा, पटवारी हल्का सेजहटा, तहसील रघुराजनगर, जिला सतना (मध्यप्रदेश) स्थित जमीन का नामांतरण अपने तथा अपनी बेटी दृष्टिका तिवारी के नाम करा लिया गया, जिससे अवैध रूप से आर्थिक लाभ अर्जित किया गया।
पीड़िता ने बताया कि इस गंभीर फर्जीवाड़े की जानकारी उन्हें काफी समय बाद लगी, जिसके पश्चात उन्होंने थाना सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। अपनी बढ़ती उम्र, अस्थमा एवं मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों का हवाला देते हुए उन्होंने मामले की शीघ्र जांच कर दोषियों को दंडित करने एवं फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को निरस्त करने की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
