बिलासपुर।13 जनवरी को शहर के मंगला चौक स्थित सीएलसी प्लाजा में “बुक फॉर ऑल” किताब घर की स्थापना की गई। यह पहल शहर के विद्यार्थियों, युवाओं और पुस्तक प्रेमियों के लिए ज्ञान को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम मानी जा रही है। इस किताब घर में पाठकों को कम से कम कीमत पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं, साथ ही निशुल्क बैठकर किताब पढ़ने की सुविधा भी दी गई है।
“बुक फॉर ऑल” किताब घर को केवल पुस्तकों के क्रय-विक्रय का स्थान न मानकर ज्ञान साझा करने का केंद्र बनाया गया है। यहां आम नागरिक अपनी पुरानी व उपयोग में न आने वाली किताबें दान कर सकते हैं, जिससे समाज के अन्य वर्गों तक भी शिक्षा और जानकारी का लाभ पहुंच सके।
कार्यक्रम के दौरान जन चेतना भारत पार्टी के सुप्रीमो जसवीर सिंह चावला ने अपने उद्बोधन में कहा कि “शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जो इसे पिएगा वही दहाड़ेगा।” उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में इस तरह की व्यवस्था पहले से प्रचलित है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ‘बुक फॉर ऑल’ किताब घर की शुरुआत होना अपने आप में एक सराहनीय और अनुकरणीय पहल है।
किताब घर की विशेषता यह है कि एक समय में कम से कम पांच लोग यहां निशुल्क बैठकर अध्ययन कर सकते हैं, जिससे विद्यार्थियों को शांत वातावरण में पढ़ने का अवसर मिलेगा और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रेरणादायी आयोजन में जन चेतना भारत पार्टी के सुप्रीमो जसवीर सिंह चावला, सुचिता सिंह, संदीप सिंह, छाया खन्ना, डॉ. प्रसाद साहू, डॉ. रौनक सिंह, अंकित तिवारी एवं हरीश छाबड़ा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
