• रायपुर छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी प्रबंधन के द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत समस्त अधिकारियों/ कर्मचारियों के आवासीय परिसर में सोलर रूफटॉप अनिवार्य रूप से स्थापित करने अगस्त 2025 में एकतरफा आदेश जारी किया था और सोलर पैनल नहीं लगाने पर फ्रिंज बेनिफिट के तहत बिजली बिल में मिलने वाले 50 प्रतिशत छूट को बंद कर दिया गया था।

भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ – महासंघ के द्वारा प्रबंधन के इस तानाशाही एकतरफा आदेश का लगातार पत्राचार कर सोलर पैनल लगाने व्यवहारिक दिक्कतों पर विभिन्न पहलुओं पर अध्यक्ष से चर्चा कर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। अध्यक्ष महोदय के द्वारा महासंघ के प्रतिनिधियों को इस संबंध में आवश्यक सुधार करने आश्वस्त किया था।

आज दिनांक 15.01.2026 को विद्युत कंपनी प्रबंधन के द्वारा ऐसे अधिकारी – कर्मचारी जिनका स्वयं का आवास नहीं है। कंपनी द्वारा आबंटित विभागीय क्वार्टर में रहते है। जिनके नाम से कनेक्शन नहीं है। जिनके आवास का छत सोलर पैनल लगाने लायक नहीं है, आदि को घोषणा पत्र देने के बाद कर्मचारियों/अधिकारियों को सोलर पैनल लगाने की बाध्यता में छूट देते हुए फ्रिंज बेनिफिट के तहत बिजली बिल में 50 प्रतिशत रियायत देने आदेश जारी किया गया।

महासंघ के पदाधिकारी का कहना है कि पावर कंपनी द्वारा सोलर पैनल नहीं लगाये जाने पर विद्युत देयक में छूट को अचानक बंद किया गया था, जिसे सबसे पहले महासंघ ने विरोध किया था और तार्किक एवं व्यावहारिक रूप से सोलर पैनल लगाने की बाध्यता में राहत देते हुए फ्रिज बेनिफिट के तहत विद्युत देयक में छूट को पुनः चालू करने का मांग किया था। महासंघ के मांग पर पावर कंपनी द्वारा आदेश जारी कर घोषणा पत्र के माध्यम से सोलर पैनल की बाध्यता को दूर करने का आदेश जारी किया है।

महासंघ का मांग है कि वर्षों से विद्युत कर्मियों को मिल रहे फ्रिंज बेनिफिट के तहत बिजली बिल में छूट को पुनः तत्काल चालू किया जाए एवं सोलर पैनल लगाने हेतु कर्मचारियों/अधिकारियों को पूरे लागत राशि को प्रदान करते हुए प्रोत्साहित किया जाए।

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