- -जांजगीर
चांपा।जिले के सुभाष चंद्र बोस चौक स्थित नेताजी फर्नीचर में कार्यरत एक कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। पीड़ित परिवार ने दुकान संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 50 लाख रुपये मुआवजा और मृतक के दोनों बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने की मांग को लेकर पिछले दो घंटों से चक्का जाम कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक हरि चरण प्रधान (35 वर्ष) नेताजी फर्नीचर में पिछले 18 वर्षों से कार्यरत था। 13 नवंबर 2025 को वह दुकान में काम के दौरान सीढ़ी से फिसलकर छत से नीचे गिर गया, जिससे उसके दाहिने पैर की जांघ और एड़ी के पास गंभीर चोट आई थी।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद दुकान संचालक द्वारा उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के बजाय उसे बिलासपुर जिले के डेका गांव में आयुर्वेदिक इलाज के लिए ले जाया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने 29 दिसंबर को चांपा के नायक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 31 दिसंबर को ऑपरेशन किया गया। इसके बावजूद शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों ने शव को नेताजी फर्नीचर दुकान के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि मृतक ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और उसके पीछे दो छोटे बच्चे हैं, जिनका भविष्य अब अंधकार में है।
बताया जा रहा है कि नेताजी फर्नीचर के संचालक घटना के बाद घर चले गए थे और परिजनों से बातचीत में उन्होंने केवल अंतिम संस्कार के खर्च की बात कही, जिससे मामला और बिगड़ गया। सहमति नहीं बनने पर परिजनों ने भीम आर्मी के सदस्यों को सूचना दी, जिसके बाद प्रदर्शन और तेज हो गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल, एसडीएम और राजस्व अधिकारी पहुंचे हुए हैं। प्रशासन द्वारा लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मामले में कोई सहमति नहीं बन पाई है और चक्का जाम जारी है।
